बुझी हुई शाम फिर से जल सकती है! तूफानों से घिरी कश्ती किनारे पर आ सकती है!! मायूस न होना कभी जिन्दगी में दोस्त! ये किस्मत है कभी भी बदल सकती है!!March 7, 2024 at 04:03 PM64916 CommentsLikeSaveShare